मकर संक्रांति भारत का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है । भारत में यह बहुत ही हर्षों उल्लास के साथ 14 जनवरी को मनाया जाता है।
यह त्यौहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है और जिसे उत्तरायण की शुरुआत भी माना जाता है । सूर्य के उत्तरायण होने से दिन बड़े होने लगते हैं और मौसम में परिवर्तन महसूस होने लगते हैं । पूरे भारत में मकर संक्रांति का त्यौहार अलग-अलग तरीकों से अलग-अलग परंपराओं से धूमधाम के साथ मनाया जाता है ।
मकर संक्रांति का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है । हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है । बहुत से स्थान पर लोग दान पुण्य का कार्य करते हैं विशेष कर तिल, गुड़, खिचड़ी, कपड़े और अनाज का दान बहुत ही शुभ माना जाता है।यह त्योहार लोगों को मिठास और प्रेम से रहने का संदेश देती है ।
देश के विभिन्न राज्यों में यह त्यौहार अलग-अलग नाम और परंपराओं के साथ मनाया जाता है । उत्तर भारत में लोग तिल और गुड़ से बनी मिठाइयां खाते हैं और पतंगबाजी का आनंद लेते हैं । गुजरात और राजस्थान में आकाश रंग बिरंगी पतंगों से भर जाता है। तमिलनाडु में इसे पोंगल , असम में भोगली बिहू और बिहार पूर्व उत्तर प्रदेश में खिचड़ी कहा जाता है। हर क्षेत्र में उत्सव का रूप भले ही अलग हो लेकिन इसका उद्देश्य प्रकृति का सम्मान और नयी ऊर्जा का स्वागत करना है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि प्रधान देश होने के कारण फसलों के पकने और नई आशाओं के आगमन के प्रतीक के फल स्वरुप विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं। किसान इस दिन विशेष रूप से सूर्य देव का आभार व्यक्त करते हैं जिससे फसलों को ऊर्जा प्राप्त होती है और वह स्वस्थ रहते हैं क्योंकि सूर्य ऊर्जा का स्रोत है और गर्माहट प्रदान करता है जो इस मौसम के अनुकूल है।
मकर संक्रांति के पश्चात दिन बड़े और रेट छोटे होने लगते हैं । मौसम में परिवर्तन होने लगता है और वातावरण ग्रीष्म ऋतु की ओर अग्रसर होने लगता है । फसलों के आगमन के कारण किसान बहुत ही खुश होते हैं और अपनी इस खुशी को वह विभिन्न त्योहारों के माध्यम से प्रकट करते हैं । भारत के किसान हम सभी के अन्नदाता है तो हमारा भी यह कर्तव्य बनता है की हम भी उनके साथ या त्योहार धूमधाम से मनाई और फसलों को और धन-धान्य को अपना आभार प्रकट करें ।
एक किसान कितनी मेहनत से फसल उगाता है उसकी फसल उगाने में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है लेकिन बहुत से लोग भोजन का अनादर करते हैं और भोजन को व्यर्थ कर देते हैं इसलिए हमको इस त्यौहार के महत्व को जानना और भी आवश्यक हो जाता है ।